होली पर किस देवी-देवता को कैसे करें प्रसन्न

भारत को त्योहारों का देश भी कहा जाता है क्योंकि साल भर त्योहारों का आना जाना लगा ही रहता है | एक त्यौहार जाता नहीं कि दूसरा दरवाज़े पर दस्तक देने लगता है और उसपर अगर हम हिन्दू धर्म की बात करें तो यह सूची कुछ ज्यादा ही लंबी है | ये फाल्गुन माह के होली से शुरू होकर राम नवमी, तीज, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, दशहरा, दिवाली, मकर संक्रांति, आदि तक चलते ही रहते हैं |

हिन्दू संस्कृति में जहाँ एक तरफ लोग ख़ुशी और उमंग के साथ इन त्योहारों को मनाते हैं तो दूसरी ओर अपने देवी-देवताओं को प्रसन्न करने का भी कोई तरीका नहीं छोड़ते | वैसे तो हम साल भर प्रार्थना करते रहते हैं कि हम सुखी रहें, हमारा परिवार खुश रहे, कामयाबी हमारे घर आए, धन-संपदा का सदा-सदा के लिए वास हो जाए आदि परन्तु हमारे पर्वों के आते ही हम कुछ विशेष उपाय करने में जुट जाते हैं | इस समय हम कुछ ख़ास कर्म, विशेष आराधनाएं, और बहुत से साधन जुटाने में लग जाते हैं | तो आइये आज इस मामले में हम भी आपकी कुछ मदद करते हैं |

अभी जो त्योहार हमारे सामने खड़ा है, वह है “होली |” होली रंगों का एक बेहद ही खूबसूरत और हर्षोल्लास से भरा त्योहार है, जो आपको अपने भगवान को खुश करने का एक उचित अवसर भी प्रदान करता है | अब आपको बताते हैं कुछ ऐसे उपाय जिन्हें अपनाने से आपकी मनोकामनाएं शीघ्र ही पूरी होंगी, ये उपाय हैं –

  1. होलीइस दिन दुर्गा माँ को रंग चढ़ी चुन्नी अथवा सारी चढ़ाएं | इससे सौभाग्य और सुहाग की प्राप्ति तो होती ही है, साथ ही देवी माँ की असीम अनुकम्पा भी बरसती है |
  2. होली के दिन आपके पास हनुमान जी को भी प्रसन्न करने का एक सुनहरा मौका होता है | इस अवसर पर हनुमान जी को सिन्दूरी चोला चढ़ाना चाहिए लेकिन ध्यान रहे कि सिन्दूर में चमेली का तेल मिलाएंगे तो पवन पुत्र आपके सारे मनोरथ सिद्ध करेंगे |
  3. इस पर्व पर लाल या पीले रंग के बताशे भगवान विष्णु को श्रद्धापूर्वक अर्पित करें | इतना ही नहीं बल्कि इस दिन “नारायण कवच” का पाठ करने का भी बहुत महत्त्व होता है, साथ ही अनिष्ट का नाश व शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है |
  4. कहते हैं होली सभी शिकवे-गिलों को भुला प्रेम से मिलने का उत्सव होता है | ऐसे में अगर आपकी भी यह कामना है कि आप अपने शत्रुओं के मन में प्रेम-भाव जागृत करें, तो होलिका दहन के वक़्त पांच गोमती चक्र लें और और उसपर सिन्दूर से तिलक करें | इसके उपरांत अपने शत्रु का नाम लें एवं होली की पावन अग्नि में इसे डाल दें | आपके सभी शत्रु आपके साथ मित्रवत व्यवहार करने लगेंगे |
  5. होली की राख को भी बहुत ही शुद्ध और पवित्र माना जाता है | ऐसी मान्यता है कि इस राख या भूति को सिद्ध योग में बहते हुए जल में प्रवाहित करने से ग्रहों की अशुभ स्थिति से जन्में सभी कष्ट दूर हो जाते हैं |
  6. होलिका दहन के उपरान्त भूमि पर हमेशा कुछ राख या भस्म शेष रह जाती है, जिसे अगर आप अपने शरीर पर लगाकर स्नान करेंगे तो नव (9) ग्रहों से जन्में सभी रोग शांत हो जाएंगे एवं आपकी समस्याओं का निवारण होगा |

     होली के शुभ अवसर के लिए ये कुछ उपाय हैं जिन्हें अपनाकर आप अपना त्योहार खुशहाल बनाने के साथ-साथ जीवन भी सुखमय बना सकते हैं | तो इस बार इन तरीको को आजमाएं और सभी परेशानियों से मुक्ति पाएं | सभी को रंगोत्सव की ढेर सारी शुभकामनाएं !

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