नेमोलोजी: नाम बदलें, भाग्य बदलें- न्यूमरोलॉजी

  1. क्या आपका नाम आपके लिए शुभ है?

ज्योतिष में नाम न्यूमरोलॉजी बहुत महत्वपूर्ण होता है। नाम वह होता है जिसे सुनकर व्यक्ति या पशु जाग जाए या मुड़कर देखने लगे। व्यक्ति का नाम बार-बार बोला जाता है, इसलिए उसका बहुत बड़ा प्रभाव हम पर पड़ता है। ज्योतिष में नाम का केवल पहला लेटर ही मैटर करता है, परंतु न्यूमरोलॉजी में पूरे नाम की स्पेलिंग का महत्व होता है। ऐसा माना जाता है की अगर सोचे समझे तरीके से नामांक, मूलांक और भाग्यांक का मेल हो जाये तो व्यक्ति का भाग्य बदलने में देर नहीं लगती।

  1. क्या आपका नाम आपके लिए शुभ है?

वेदशास्त्र और धर्म ग्रंथ कहते हैं, मनुष्य का भाग्य नहीं बदला जा सकता। हमारे जीवन की तीन मुखय घटनाएं – जन्म, विवाह और मृत्यु तो बिल्कुल भी नहीं बदली जा सकती। पर जन्म राशि, जन्म लग्न और अंक ज्योतिष का मूल आधार – मूलांक व भाग्यांक – तो जन्म की तारीख से बनते हैं जिसको बदला नहीं जा सकता। लेकिन नाम में परिवर्तन करके आप अपने जीवन की रूपरेखा में कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन अवश्य ला सकते हैं। आइए जानें कैसे…

  1. कैसे जानें मूलांक और भाग्यांक

अपना मूलांक और भाग्यांक जानने की सरल विधि यह है कि जन्म तारीख को जोड़ लें, वह आपका मूलांक और जन्म तारीख, माह और सन् के अंक का योग भाग्यांक कहलाता है। जैसे 3, 12, 21, 30 जन्म तारीख वाले का मूलांक 3 होगा और 18-01-1926 जन्म तारीख वाले का भाग्यांक 1 होगा। इसमे जन्म तारीख माह और सन् का योग करने से 28 अंक आया। इस का योग 2+8 = 10, यानि मूलांक 1 ।

  1. नामांक कैसे निकालें

नामांक निकलने के दो तरीके हैं. पहले तरीके में ए से लेकर जेड तक के अक्षरों को अलग-अलग अंक प्रदान किए गए हैं। इसे कालडीन हेबपरियू पद्धति के नाम से जाना जाता है। इस पद्धति में अंक 10 में आते हैं A I Q Y अंक 12 B K Q अंक 13 में C G L S अंक 15 में E G N X अंक 16 में U Y W अंक 17 O Z अंक 8 F P।उल्लेखनीय हैं कि अंक नौ को कोई भी अक्षर प्रदान नहीं किया क्योंकि इस अंक को परमात्मा का प्रतीक मानते हुए अकेला छोड़ दिया गया है।

  1. name numerology-न्यूमरोलॉजीनामांक कैसे निकालें

दूसरा तरीका आधुनिक अंक विज्ञान का तरीका माना जाता है। इसमें अलग-अलग क्रमांक प्रयोग करते हैं, जैसे A से J को एक से नौ, K से S और अंत में O से Z तक को उसी क्रम में एक से नौ तक लिख कर अपने नाम से जन्मांक निकाला जाता है। पाश्चात्य अंकशास्त्रियों के अनुसार पहला तरीका सबसे उपयुक्त है।

  1. नाम बदल के लाभ उठा सकते हैं

नाम भी भाग्यांक के अनुसार रखें तो वह लाभकारी सिद्ध होगा। जो लोग जीवन में झंझावातों से जूझते देखे गये, उनमें प्रायः यह पाया गया कि उनके इन तीनों अंकों में तालमेल नहीं था। यदि न्यूमरोलॉजी मूलांक, भाग्यांक और नामांक में तालमेल न हो तो हम नामांक बदल सकते हैं, क्योंकि जन्मांक और भाग्यांक तो जन्म लेते ही निश्चित हो जाते हैं। ये भगवान के दिये होते हैं। केवल नाम ही है, जिसे मनुष्य देता है- उसे बदला जा सकता है- यदि आवश्यक हो तो अपना नाम बदलें और उसका लाभ उठायें।

  1. आइये जाने सभी नामांकों से जुड़े शुभ रंग और दिशा

नंबर 1: यह अंक स्वतंत्र व्यक्तित्व का धनी है। इसके स्वामी सूर्य हैं. इनके लिए शुभ तिथि 1,10,19 एवं 28 तारीख है. चार अंक से इनका जबरदस्त आकर्षण होता है. इनके लिए शुभ दिन रविवार एवं सोमवार है तो शुभ रंग पीला, हरा एवं भूरा है. ये अपने ऑफिस, शयनकक्ष परदे, बेडशीट एवं दीवारों के रंग इन्हीं रंगों में करें, तो भाग्य पूरी तरह साथ देता है.

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नंबर 2 न्यूमरोलॉजी: अंक दो का संबंध मन से है। यह मानसिक आकर्षण, हृदय की भावना, सहानुभूति, संदेह, घृणा एवं दुविधा दर्शाता है। इसका प्रतिनिधित्व चन्द्र को मिला है, इस अंक का स्वामी चंद्रमा है 2,11, 20, 29 तारीख अति शुभ हैं. रविवार, सोमवार एवं शुक्रवार श्रेष्ठ दिन हैं. सफेद एवं हल्का हरा इनके शुभ रंग हैं.

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नंबर 3: इस अंक के स्वामी देव गुरु वृहस्पति हैं . इससे बढ़ोत्तरी, बुद्धि विकास क्षमता, धन वृद्धि एवं सफलता मिलती है। 3, 12, 21 एवं 30 तारीख इनके लिए विशेष शुभ हैं. मंगलवार, गुरुवार एवं शुक्रवार श्रेष्ठ है. पीला एवं गुलाबी रंग अतिशुभ है. शुभ माह जनवरी एवं जुलाई है. दक्षिण, पश्चिम एवं अग्नि कोण श्रेष्ठ दिशा है.

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नंबर 4 न्यूमरोलॉजी: इस अंक से मनुष्य की हैसियत, भौतिक सुख संपदा, सम्पत्ति, कब्जा, उपलब्धि एवं श्रेय प्राप्त होता है। इसका प्रतिनिधि हर्षल और राहु हैं. 2, 11, 20 एवं 29 तारीख शुभ है. रविवार, सोमवार एवं शनिवार श्रेष्ठ दिन हैं, जिसमें शनिवार सर्वश्रेष्ठ है. नीला एवं भूरा रंग शुभ है.

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नंबर 5 न्यूमरोलॉजी: इस अंक का स्वामी बुध है. शुभ तिथि 5, 14 एवं 23 है. सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार श्रेष्ठ है. उसमें शुक्रवार सर्वाधिक शुभ है. सफेद, खाकी एवं हल्का हरा रंग इनके लिए शुभ है. इनके लिए अशुभ अंक 2, 6 और 9 है.

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नंबर 6 न्यूमरोलॉजी: इस अंक का स्वामी शुक्र है. छह का अंक वैवाहिक जीवन, प्रेम एवं प्रेम-विवाह, आपसी संबंध, सहयोग, सहानुभूति, संगीत, कला, अभिनय एवं नृत्य का परिचायक है।शुभ तिथि माह की 6,15 एवं 24 तारीख है. मंगलवार, गुरुवार एवं शुक्रवार श्रेष्ठ दिन है जिसमें शुक्रवार सर्वश्रेष्ठ है. आसमानी, हल्का एवं गहरा नीला एवं गुलाबी रंग शुभ हैं. लाल एवं काले रंग का प्रयोग बिल्कुल ना करें.

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नंबर 7 न्यूमरोलॉजी: इस अंक का स्वामी केतु है. सात का अंक आपसी ताल मेल, साझेदारी, समझौता, अनुबंध, शान्ति, आपसी सामंजस्य एवं कटुता को जन्म देता है। महीना के 7, 16 एवं 25 तारीख सर्वश्रेष्ठ है. 21 जून से 25 जुलाई तक का समय भी श्रेष्ठ है. रविवार, सोमवार एवं बुधवार श्रेष्ठ हैं. जिसमें सोमवार सर्वश्रेष्ठ है. शुभ रंग हरा, सफेद एवं हल्का पीला है.

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नंबर 8 न्यूमरोलॉजी : इस अंक का स्वामी शनि हैं. 8, 17 एवं 26 तारीख श्रेष्ठ तिथि हैं.शनि का अंक होने से इस अंक से क्षीणता, शारीरिक मानसिक एवं आर्थिक कमजोरी, क्षति, हानि, पूर्ननिर्माण, मृत्यु, दुःख हो जाता है, रविवार, सोमवार एवं शनिवार शुभ हैं. जिसमें शनिवार सर्वाधिक शुभ है. भूरा, गहरा नीला, बैगनी, सफेद एवं काला शुभ रंग है. हृदय एवं वायु रोग इनके प्रभाव क्षेत्र हैं. दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम एवं दक्षिण-पूर्व दिशा शुभ हैं.

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नंबर 9 न्यूमरोलॉजी : नौ का स्वामी मंगल है. इस मूलांक के लोगों पर मंगल ग्रह का प्रभाव सर्वाधिक है. यह अन्तिम ईकाई अंक होने से संघर्ष, युद्ध, क्रोध, ऊर्जा, साहस एवं तीव्रता देता है। इसका प्रतिनिधि मंगल ग्रह है जो युद्ध का देवता है। 9, 18 एवं 27 श्रेष्ठ तारीख है. मंगलवार, गुरुवार एवं शुक्रवार शुभ दिन है। गहरा लाल एवं गुलाबी शुभ रंग है। पूर्व, उत्तर-पूर्व एवं उत्तर-पश्चिम दिशा अतिशुभ हैं।

 

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