नवरात्री का नोवा दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना होती है

माँ सिद्धिदात्री – दुर्गा पूजा के अंतिम नवरात्री दिन नौवीं शक्ति सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना होती है| जैसा कि नाम से ही प्रतीत होता है ये देवी सभी अभीष्ट वस्तुओं को देने वाली एवं सारी सिद्धियों की प्राप्ति करने वाली हैं | इनकी साधना से आपके लिए कुछ भी पाना असंभव नहीं रहता एवं अमृत पद मिलता है |

देवी के इसी रूप की आराधना से भगवान शंकर ने भी समस्त सिद्धियाँ प्राप्त करी थीं और इन्ही के कारण उनका अर्धनारीश्वर रूप प्रकट हुआ | ये कमल पे आसीन रहती हैं एवं विधि-विधान से पूजी जाने पर सभी मनोरथ सिद्ध करती हैं | इन्ही देवी की पूजा के साथ शास्त्रों के अनुसार नव दुर्गा का विसर्जन किया जाता है एवं घर और जीवन की मंगल कामना की जाती है | इनकी पूजा इस मंत्र से करें –

या देवी सर्वभूतेषु, लक्ष्मीरूपेण संस्थिता |

नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः ||

 




इस बार 28 मार्च से प्रारंभ हो रही चैत्र नवरात्रों के लिए तैयार हो जाइए और ऊपर दिए हुए नियमानुसार पूजा करके सुखी जीवन व मनवांछित फल पाइए | जा माता दी !

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