जन्मतिथि के अनुसार चुनें भाई की राखी

जन्मतिथि के अनुसार चुनें भाई की राखी

ज्योतिष शास्त्र आज तक आपकी बहुत सी समस्याएं हल करता आया है, हर अच्छी-बुरी घड़ी के लिए इसमें समाधान है। आज हम फिर प्रस्तुत हैं आपके लिए राखी के पावन पर्व पर इस विशेष लेख के साथ। आज हम बताएंगे कि कैसे अंकशास्त्र की मदद से अपने रिश्ते को और गहरा कर जीवन को सुखद बना सकते हैं। इस बार आप भी अपनी जन्मतिथि के अनुसार राखी के रंग का चुनाव करें और जीवन में खुशहाली लाएं। इस त्यौहार को और बेहतर बनाने के लिए ये रहे उपाय –

त्यौहार मनाने का सही समय जानने के लिए अंत तक पढ़े

अंक 1 – यदि आपका जन्म माह की 1,10,19, या 28 तारीख को हुआ है तो आपका शुभांक होता है 1। आपके लिए पीली, सुनहरी या भूरी (brown) रंग की राखी शुभ रहेगी। वहीं जब भाई अपनी बहन के लिए तोहफा तय करें तो वो लाल रंग का हो तो बेहतर है। गेहूं, गुड़, कमल, लाल वस्त्र, तांबे के बर्तन और सोने का अपने सामर्थ्य के अनुसार भाई-बहन साथ मिलकर दान करें, रिश्ते मज़बूत होंगे।

अंक 2 – महीने की 2,11,20 और 29 तिथि को पैदा होने वाले जातकों का अंक बनता है 2। आपके लिए हरी, सफ़ेद या क्रीम रंग की राखी शुभ फलदायी है। जिन रंग से आपको बचना है वे हैं लाल, काला और बैंगनी। अपनी बहन के लिए हल्के रंग का उपहार चुनें। लाभ प्राप्ति के लिए श्वेत वस्त्र, चावल, कपूर, घी और बांस के बने पात्र का दान करें।

अंक 3 – अब बात करते हैं शुभांक 3 की यानी 3,12,21 और 30 को जन्मे लोगो की। पीली या बैंगनी राखी आपके लिए बेहतर विकल्प है। लाल और काले रंग से आप भी दूर रहें। दान कार्य के लिए नमक, सोना, हल्दी, चने की दाल, पीला धान और पीला कपड़ा सही है।

अंक 4 – जिनकी जन्मतिथि 4,13,22 या 31 है, उन्हें पीली, सुनहरी, हल्की नीली या सफ़ेद रंग की राखी बांधना चाहिए। गहरा हरा, काला या कोई भी गाढ़ा रंग राखी के लिए ना चुनें। गेंहू, लाल वस्त्र अथवा लाल धान का दान करके अपने जीवन में खुशहाली लाएं।

अंक 5 – 5,14 और 23 को पैदा होने वाले जातकों का शुभांक 5 बनता है। आपको लाल, पर्पल, ग्रे, ब्राउन जैसे गहरे रंग चुनने चाहिए, हल्के रंग का चुनाव ना करें। आप मसूर की दाल, तांबे के बर्तन, हरी घास, मूंग, गुड़, टमाटर, लाल या हरे वस्त्रों को दान में दें।

अंक 6 – अब 6,15 या 24 तिथि को जन्म लेने वाले लोगों की बात करते हैं। आपके लिए ये रंग शुभ हैं – नीली, गहरी नीली, गुलाबी, और लाल। पर ध्यान रखें कि गहरा लाल रंग न चुनें। सोना, चावल, पोहा, सफ़ेद दाल एवं रंगीन कपड़ों का दान करना उत्तम रहेगा।

अंक 7 – जिनकी जन्म तारीख 7,16 या 25 है, उन्हें हरी, पीली, नारंगी और श्वेत राखी अपने लिए लेनी चाहिए। ऐसे रंग जो दो या दो से अधिक रंग से मिलकर बने हों जैसे ग्रे, बैंगनी या काला, उनसे बचाव अपेक्षित है। यथा शक्ति शहद, मिठाई, हरी सब्जियां, मूंग व सफ़ेद उड़द की दाल को दान में दें।

अंक 8 – यदि आपका जन्म 8,17 अथवा 26 तारीख को हुआ है तो आपका शुभांक 8 होता है। आपके लिए जो रंग शुभ संकेत दे रहे हैं वे हैं नीला, बैंगनी, काला, गहरा भूरा और डार्क ग्रे। लाल, पीले और नारंगी जैसे आकर्षक रंग इस बार आपके लिए नहीं है। दान करने के लिए सरसों का तेल, काले तिल, काली उड़द, काले वस्त्र एवं लोहे की वस्तुएं सही रहेंगी।

अंक 9 – 9,18 या 27 को पैदा होने वाले जातकों के लिए लाल, गुलाबी, परपल, क्रीम व सन कलर उत्तम है। इस त्यौहार पर काले रंग से बचने की विशेष सलाह है। अपने सामर्थ्य के अनुरूप गेहूं, गुड़, घी, मसूर दाल और लाल कपड़े का दान करना अच्छा रहेगा।

शुभ मुहूर्त में ही बांधे राखी

हिन्दू संस्कृति के प्रमुख त्योहारों में से एक भाई-बहन के प्रेम को दर्शाने वाला रक्षाबंधन अब करीब आ चुका है। ज़ाहिर-सी बात है आप भी तैयारियों में लगी होंगी, बाज़ार से रंग-बिरंगी राखियां और भाई की मनपसन्द मिठाइयां खरीद रही होंगी। लेकिन हम आपको बता दें कि इस बार इस शुभ त्यौहार पर क्या अलग होने वाला है। रक्षाबंधन के दिन ग्रहण लगने के कारण सूतक रहेगा, करीब 12 वर्षों बाद ऐसा संयोग बन रहा है।

भद्रा में ना बांधे राखी –

हमारे शास्त्रों के ज्ञाताओं का मानना है कि भद्रा काल में राखी बांधना शुभ नहीं होता। इसके पीछे एक कथा भी बताई जाती है जिसके अनुसार रावण की बहन शूर्पणखा ने भी एक बार अपने प्रिय भाई दशानन को भद्रा काल में ही राखी बांधी थी। भद्रा में राखी बांधना रावण के संहार का कारण बना। अर्थात अपने भाई को किसी भी अहित या संकट से बचाने के लिए प्रयास करें कि आपको भद्रा में ना बांधनी पड़े।

त्यौहार मनाने का सही समय –

हिन्दू शास्त्र की बात करें तो इस त्यौहार को मनाने का सही समय है 7 अगस्त (भद्रा समाप्त होने के पश्चात)। दरअसल सावन की पूर्णिमा 6 अगस्त की रात 10:28 को ही शुरू हो जाएगी लेकिन भद्रा काल भी होगा। इसीलिए सुबह 11:04 बजे भद्रा समाप्त होने पर ही राखी बांधे। अगर किसी मजबूरी के कारण आपको भद्रा काल में ही राखी बांधनी हो तो भद्रा मुख के बजाय भद्रा पुच्छ में बांधे।

ज़रूरी समय –

  1. भद्रा पुच्छ – 06:40 – 07:55
  2. भद्रा मुख – 07:55 – 10:01
  3. भद्रा समाप्ति का समय – 11:04

मंत्रों के साथ बांधे राखी –

राखी या रक्षासूत्र को प्रभावशाली बनाना चाहती हैं तो उसे मंत्रोच्चारण के साथ बांधना सही रहेगा। भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए यह मंत्र बोलें – “येन बद्धो बली राजा, दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वां प्रतिबध्नामी, रक्षे !  मा चल ! मा चल !!”

इस मंत्र के द्वारा हम यह भाव करते हैं कि हे रक्षा ! जैसे रक्षासूत्र से बंधने के पश्चात राजा बलि ने बिना किसी व्याकुलता के अपना सब कुछ दान कर दिया। उसी प्रकार मैं आज तुम्हें बांध रहा हूँ, तुम भी अपने उद्देश्य से डिगे बिना मज़बूत बने रहो और मेरी रक्षा करो।

हम प्रार्थना करते हैं कि इस बार आप सभी का त्यौहार मंगलमय हो।

रक्षाबंधन की शुभकामनाएं!!

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