रामचरितमानस से जानिए अमीर बनने के उपाय


रामचरितमानस, गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित एक ऐसा महाकाव्य है जिसमें भगवान राम और रामायण दोनों की ही शिक्षाएं संकलित हैंI इन शिक्षाओं पर अगर कोई व्यक्ति अमल कर ले तो उसका जीवन शुद्ध, सहज और परिष्कृत हो जाता हैI

अगर हम रामचरितमानस के शाब्दिक अर्थ पर जाएं तो इसका अर्थ है –“ मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के चरित्रों और कर्मों का वर्णन I” इसीलिए इस काव्य-ग्रन्थ में ऐसी बहुत-सी बातें लिखी हुईं हैं जिन्हें ध्यान में रखना और उन पर अमल करना अत्यंत आवश्यक हैI आज के दौर की बात करते हुए अगर पूछा जाए कि आज इंसान की सबसे बड़ी ज़रुरत क्या है? तो इसका सीधा जवाब हमारे सामने आएगा- धन! आज मनुष्य अँधा होकर धन की झूठी चकाचौंध के पीछे भाग रहा है, दिन-रात मेहनत कर रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा धन कमा सकेI हर इंसान का मानना है कि उसके पास जितना अधिक धन होगा उतना ही अधिक सम्मान और उतना ही बड़ा ओहदा उसे प्राप्त होगाI

मेहनत तो हम सभी करते हैं लेकिन ज़रूरी नहीं उसका फल भी सबको मिलेI रामचरितमानस के अनुसार कुछ ऐसे लोग भी होते हैं, जिन पर माँ लक्षी की कृपा कभी नहीं बरसती, जिनके पास कभी धन नहीं ठहरताI तो आइये हम बताते हैं आपको कौन हैं वो लोग, जिनसे धन की देवी कभी प्रसन्न नहीं होती –

  • मादक पदार्थों का सेवन करने वाले

रामचरितमानस में उल्लिखित बातों के अनुसार हर समय नशे में रहने वाले, गुटखा, बीड़ी, शराब आदि मादक पदार्थो का सेवन करने वाले और जुआ खेलने वाले अपना सारा धन इन्हीं आदतों को पूरा करने में व्यर्थ कर देते हैंI ऐसे कुकृत्य करने वालों पर देवी लक्ष्मी की कृपा कभी नहीं होती और वे कभी धनी नहीं बन सकतेI

  • धोखेबाज़ जीवनसाथी

ऐसे लोग जो अपने जीवनसाथी के साथ धोखा करते हैं, उनके लिए धन की प्राप्ति करना असंभव हो जाता है क्योंकि वे अपने पति या पत्नी से छिपाकर धन को अन्य लोगों पर खर्च करते हैंI ऐसा करना सही नहीं होता क्योंकि रामचरितमानस के अनुसार अपने जीवनसाथी के प्रति ईमानदार होना बहुत ज़रूरी हैI जो लोग ऐसा नहीं करते, उन्हें मृत्यु के बाद नर्क की प्राप्ति होती हैI

  • लालची लोग

कहा जाता है कि लालच बुरी बाला है, इसीलिए हिन्दू-ग्रंथों में ऐसा लिखा है कि जो धन का ज्यादा लालच करते हैं, जो हमेशा धन के पीछे भागते हैं, उनसे खुद-ब-खुद धन दूर हो जाता हैI उनकी तलाश अधूरी ही रह जाती है और वे कभी अमीर नहीं बन पातेI

  • घमंडी व्यक्ति

रामचरितमानस में श्री राम के जीवन की कई महत्वपूर्ण बातें लिखी हुईं हैंI भगवान के अनुज के अनुसार ऐसे लोग कभी धन एकत्र नहीं कर पाते जिनके अन्दर भरपूर घमंड होता है, जो दूसरों को सम्मान देना नहीं जानते और जो खुद को सर्वश्रेष्ठ मानते हैं क्योंकि वे लोग घमंड की वजह से किसी से मेल-जोल नहीं रख पातेI

  • नौकरीपेशा लोग

तुलसीदास के इस महाकाव्य के अनुसार ऐसा भी कहा जाता है कि दूसरों की नौकरी करने वाले कभी अपने लिए धन नहीं जोड़ पातेI वे धन कमाते तो रहते हैं परन्तु उसे एकत्र करना और अपने सपने पूरा करना उनके लिए मुश्किल हो जाता हैI

वैसे तो आजकल अधिकतर लोग नौकरीपेशा ही हैं, लेकिन इसके अलावा अगर आपके भीतर कोई और बुरी आदत भी है तो उसे तुरंत त्याग दें और माँ लक्ष्मी का स्वागत करेंI

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