इस वजह से भगवन विष्णु साँपो के बिस्तर पर सोते है

बचपन में टी.वी पर धार्मिक कार्यक्रम आते थे तो अक्सर भगवान विष्णु लेटे हुए दिखाई देते थे वो भी नागों की शैय्या पर । अजब है लेकिन गजब है कि अलग अलग अवतारों के बावजूद भगवान विष्णु अनंत शैय्या पर ही बैठे , लेटे दिखाई पड़ते थे । ऐसे विशाल नागों के झुंड को हिंदूओं में शेषनाग कहते है । जहां भगवान विष्णु बड़े आराम से आराम करते है । अनेक धार्मिक फिल्मों ,पोस्टरों और किताबों में विष्णु भगवान की कई सवारी पढ़ी है जैसे गरुड (पक्षियों के राजा ) ,शंख ,गदा ,पद्म और चक्र के साथ होते है ।
पाप की सीमा बढ़ती है तो भगवान विष्णु को अवतार होता है जिससे पाप का नाश हो सके और पुण्य की जय जय कार हो सके ।
चाहे रामायण देख लें या फिर महाभारत । दोनों वाहनों में भगवान शेषनाग वाहन में ज्यादा आर्कषित दिखाई पड़ते है शायद विशाल आकार के चलते । चलिए, जानने की कोशिश करते है कि भगवान विष्णु सांपों के बिस्तर पर क्यों लेटते है ?

1. समय के मार्गदर्शक
आपने हिंदी फिल्मों में देखा होगा , कि जब धरती पर पाप का अंधकार अपना सिर उठाता है तो भगवान विष्णु अपनी माया से ऐसे प्राणी को जन्म देते है, जो सारी दुनिया से पाप को तबाह कर देने की क्षमता रखता हो । इसलिए , भगवान विष्णु को मानव जाति का मार्ग दर्शक भी कहा जाता है । इसलिए भगवान विष्णु नागों की शैय्या पर सोते है ।

2. भगवान विष्णु की अभिव्यक्ति
अभिव्यक्ति कैसी भी हो सकती है तो भगवान विष्णु की बात करे तो कहना ही क्या है । शास्त्रों के मुताबिक , विष्णु जी ने कई रुप और आकार लिए है जिससे मानव जाति का सदा भला हुआ है । जिसे आए दिन अपने आस-पास महसूस भी करते है । हिंदू शास्त्रों के मुताबिक, शेषनाग को विष्णु की उर्जा के संचार से जोड़ कर देखा जाता रहा है

3. सभी ग्रहों के बैठने का आसन
ऐसा मानना है कि अनंत शैय्या ने कुंडली में उपस्थित सभी ग्रहों को अपनी पकड़ में रख रखा है । मानना है कि अनंत शैय्या विष्णु जी के मंत्रों को पढ़ते रहते है । इसलिए भगवान विष्णु को सौर मंडल और तारों का सर्वेसर्वा बुलाया जाता है ।

4.भगवान विष्णु का रक्षक
आपको रामायण का वो एपिसोड याद होगा , जब पिता वासुदेव भगवान कृष्ण को नंद घर ले जा रहे थे कि अचानक से तेज़ तूफ़ान आ गया ,तब कृष्ण को तूफ़ान से बचाने के लिए शेषनागों ने रक्षकों की तरह उनकी रक्षा की थी ।
बात का लब्बोलुबाब ये है कि विष्णु भगवान शेषनाग को आराम करने के अलावा रक्षा के लिए भी इस्तेमाल करते है

5. यह संबंध कभी ख़त्म न होने वालाहै
विष्णु भगवान और शेषनाग का संबंध अटूट है या कहे कि उससे भी कही ज्यादा । क्योंकि, दोनों ने संसार से सारी बुरी ताकतों से लड़ाई लड़ी है और लड़ रहे है । प्रत्येक काम में शेषनाग भगवान विष्णु के साथ कदम से कदम मिलाकर साथ चलते है । जैसे कि, त्रेता युग में लक्ष्मण के रुप में शेषनाग ने जन्म लिया था जो राम भगवान की परछाई बनकर रहे । वहीं द्वापर युग में बलराम के रुप में , जिससे कृष्ण को मदद मिलें ।

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>