क्यों मना किया जाता की उत्तर दिशा मैं सर रख कर नहीं सोना चाहिए!

हमारे माता –पिता बचपन में हमें कई कामों के लिए रोकते थे और टोकते भी । क्योंकि उनकी कुछ धारणाऐं होती थी जिन्हें हम फालतू समझते थे या फिर ढकोसला । एक बार की बात है जब मैं उत्तर दिशा में सोया हुआ था तो मेरी मां ने तबीयत के साथ मेरी तबीयत बिगाड़ दी थी । क्योंकि उनका मानना था कि यह घर के लिए अशुभ होता है । इसके पीछे कारण है कि उन्होंने भी अपने बड़े बुज़ुर्गों से सुना था कि उत्तर दिशा में मुंह करके सोना नुकसानदायक होता है । इसलिए इस सवाल पर ये लेख लिखा जा रहा है जिससे आपको पता लगे कि क्यों उत्तर दिशा में नहीं सोना चाहिए ।

आपने महसूस किया होगा कि कभी कभी आपको बड़े डरावने सपने आते है । जो आपकी मानसिक स्थिति को खराब कर देते है । साथ ही , आपकी सकारात्मक ऊर्जा को कम कर देते है ।
सांइस का मानना है कि उत्तर दिशा की तरफ मुंह करके सोने से कई हानिकारक प्रभाव पड़ते है जैसे रक्त के प्रवाह पर प्रबाव ,पूरी नींद नहीं होना और शारीरिक ऊर्जा स्तर भी कम होना । आपको याद होगा कि जब गणेश जी का सिर भगवान शिव ने धर से अलग कर दिया था तब जानवर का सिर गणेश जी के लिए उत्तर दिशा से दिया गया था । चलिए, आगे की जानकारी के लिए भगवान गणेश की कहानी को समझते है । क्यों और किसलिए उत्तर दिशा में सोना गलत है ।

1.देवी पार्वती:
कहते है कि माता-पिता की हर बात को सराखों पर रखना चाहिए । क्योंकि, वो भगवान से भी उपर होते है । एक बार , भगवान गणेश के आज्ञाकारी रवैए ने उनकी जान पर बन सवाल खड़ा कर दिया था । बात तब की है जब मां पार्वती स्नान के लिए गई हुई थी और गणेश जी को द्वार पर निगरानी के लिए खड़ा कर गई थी तब ही ,अचानक से भगवान शिव पहुंच गए और पार्वती से मिलने के लिए स्नान घर में घुसने ही वाले थे कि अचानक से शिव भगवान के रास्ते में गणेश जी आ धमके । फिर क्या था भगवान शिव आग बबूला हो गए । लेकिन गणेश जी भी क्या करते , पार्वती मां की तरफ से निर्देश दिया गया था ।




2.गणेश और शिव की लड़ाई:

बस क्या था आज्ञाकारी पुत्र गणेश को अपने पिता से लड़ना पड़ा । लेकिन शिव भगवान को अंदर जाने नहीं दिया ।

3.शिव ने गणेश का सर काटा:
इस बीच मां पार्वती नहा रही थी जैसे ही, पार्वती बाहर आई । देखा कि, भगवान शिव और पुत्र गणेश के बीच गरमागरमी का माहौल बना हुआ था । अकस्मात, भगवान शिव ने गुस्से में आपा खो दिया और सेवकों को आदेश दिया कि वो गणेश का सिर काट दें । उन्होंने,उनका सिर काट दिया ।

4. आगबबूला हुईं पार्वती:
भगवान शिव के निर्देश के बाद मां पार्वती ने गुस्से की लक्ष्मण रेखा पार कर दी । और पूरी सृष्टि को नष्ट करने की चेतावनी दे दी । जैसे ही ,ऐसी स्थिति पैदा हुई । वैसे ही ,मां पार्वती के पास ब्रह्मा जी आए और उन्हें शांत करने की कोशिश की । भयंकर स्थिति को देखते हुए भगवान शिव ने सेवकों को आदेश दिया , कि ऐसे जानवर को खोजा जाए, जो उत्तर दिशा में मुंह करके सो रहा हो ।

5. उत्तर दिशा:
जैसे ही, सेवकों को आदेश मिला । सेवक जानवर की तलाश में जी जान से जुट गए । जानवर को ढूंढने के लिए ज़मीन और आसमान एक कर दिया था पर कहीं भी ऐसे जानवर का नामोनिशान नहीं था । अचानक से ,उन्हें एक जानवर मिल गया , जो उत्तर दिशा में सोया हुआ था ।

6. हाथी का सिर:
बस फिर क्या था सेवकों ने हाथी का सिर धारदार हथियार से अलग कर दिया । भगवान शिवे को सौंपने चल दिए ।

7. भगवान गणेश:
शिव के सेवक हाथी के सिर को लेकर भगवान शिव के पास पहुंचे ।
बस अपने चमत्कार के जरिए उन्होंने गणेश को जीवन दान दे दिया । साथ ही, यह भी वरदान दिया । भगवान गणेश की पूजा सारे देवी-देवताओं से पहले की जाएगी । बता दें कि भगवान शिव ने पार्वती को वादा दिया था ।

8. सोने के लिए सबसे उत्तम दिशा:
इन सब तथ्यों को देखकर पता लगता है कि क्यों ,हमें उत्तर दिशा में नहीं सोना चाहिए । हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक, सोने के लिए बायीं ओर से पूरब या पश्चिम दिशा तक होती है । जिससे आपके शरीर का रक्त प्रवाह ठीक रहे और आपके ग्रहों की स्थिति सही दिशा में बरकरार रहे ।

2 Comments
  1. Kun SI disha mei sona chahiye aur mujhe janna hai apne career ke baare me or mere life kaha tak pohoshungi world tour kar paongi

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