जी हाँ ! बर्थ डेट बनाती है आपको रोमांटिक

        जी हाँ ! बर्थ डेट बनाती है आपको रोमांटिक

अगर आप से पूछा जाए की आपकी पसंदीदा तारीख कौन-सी है, तो सवाल थोड़ा अटपटा अवश्य लगेगा पर सबसे पहले अपनी जन्मतिथि ही ध्यान में आती है | इसका कारण है कि व्यक्ति का अपनी जन्म की तारीख से एक सम्बन्ध के साथ गहरा लगाव भी होता है | ज्योतिष विज्ञान तो इस सत्य को प्रमाणित करता ही है, साथ ही बहुत से शोध भी इस तथ्य को स्वीकारते हैं कि जन्म की तारीख जीवन में अहम भूमिका निभाती है | पर क्या कभी आपने सोचा है कि यह तारीख आपके रोमांस का स्तर भी तय कर सकती है |

साथी को उपहार देना, उसे बाहर घुमाना, उनको समय देना और उनका ख्याल रखना, ये कुछ निशानियाँ हैं रोमांटिक होने की | हर व्यक्ति की चाह होती है कि शादी के बाद पति या पत्नी के रूप में एक रोमांटिक साथी पाने की और मधुर रिश्ता बनाने की |

आज हमारे लेख में आप जानेंगे कि आप, आपका साथी या आपका होने वाला साथी कितना रोमांटिक है | जी हाँ ! अंक ज्योतिष के हिसाब से आपकी जन्मतिथि आपके स्वभाव और चरित्र के अलावा यह भी बताता है कि आप कितने रोमांटिक हैं | इसके लिए बस आपको अपना मूलांक ज्ञात करना होगा जोकि बहुत सरल है, आपको केवल अपनी जन्म की तारीख को जोड़ना है | जैसे यदि आपका जन्म 23 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक है 5 (2+3=5) और अगर किसी माह की 27 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक बनता है 9 (2+7=9) | अब देखिये कितने रोमांटिक हैं आप –

  • मूलांक 1 –

अंक 1 का स्वामी सूर्य ग्रह है | इन जातकों को सूर्य अपनी ही भांति यशस्वी, आत्मविश्वासी एवं नेतृत्व गुणों से परिपूर्ण बनाता है जिस कारण अपने साथी को नियंत्रण में रखना इनकी चाह होती है | ये प्रैक्टिकल सोच वाले लोग होते हैं, जो प्यार में भावनाओं पर काबू रखते हैं और दिमाग से ही फैसले लेते हैं | शादी के लिए ये एक ऐसे साथी की तलाश में रहते हैं, जो इनको पहले से जानता हो एवं बेहतर तरीके से समझता हो | ये अपने प्रेमी/प्रेमिका को आज़माते भी रहते हैं क्योंकि ये सामने वाले पर हावी होने और उस पर रौब जमाने के शौक़ीन होते हैं | हालांकि, आपको अकेले रहना पसंद है परन्तु जहाँ पार्टनर चुनने की बात आती है तो कोई भी समझौता ना करते हुए एक सर्वगुण संपन्न और कुशल साथी ही आपकी कामना है |

  • मूलांक 2 –

मूलांक 2 का प्रतिनिधित्व चंद्रमा करता है इसीलिए भावनाएं और संवेदनाएं आप में उच्च स्तर पर होती हैं | शारीरिक संबंधों से ज्यादा दिल से जुड़े रिश्तों को आप तवज्जो देते हैं | आप अपने साथी के प्रति गहरा लगाव रखते हैं, इसीलिए उसकी हर छोटी-बड़ी इच्छा पूरी करना और उसका ख्याल रखना आपकी प्राथमिकता हो जाता है | 2 नम्बर वाले लोग थोड़े मूडी भी होते हैं और अपने साथी से भी बराबर के प्रेम भाव की उम्मीदें रखते हैं | अतः स्वार्थी और लापरवाह जीवनसाथी मिलने से इन्हें दुख होता है | किंतु उम्मीदें अकसर निराशा की ओर ही ले जाती हैं, इस बात को बेहतर ढंग से समझते हुए अपने साथी के प्रति इनके मन में प्रेम और सम्मान कभी कम नहीं होता | मूलांक 1 से विपरीत ये प्यार के मामलों में दिमाग की नहीं बल्कि दिल की सुनते हैं |

  • मूलांक 3 –

अंक 3 वाले जातकों का सम्बन्ध बृहस्पति ग्रह से होता है जो विशाल और बलशाली गृह होता है | इसका प्रभाव होने के कारण इन जातकों को अहम अपने वश में कर लेता है और खुद को श्रेष्ठ समझने के कारण रोमांस का तत्व इनमें कम हो जाता है| इनके लिए पैसा और करियर जैसी चीज़ें, प्यार से अधिक महत्वपूर्ण होती हैं | अपने फैसलों के लिए ये दिमाग पर निर्भर रहना ही पसंद करते हैं एवं शारीरिक संबंधों में भी ये प्रभावी रहना चाहते हैं | हाँ में हाँ मिलाने वाला साथी मिले तो सम्बंध ज्यादा बेहतर रहते हैं | अपने साथी की नज़रों में एक विशिष्ट छवि बनाए रखना इनकी आदत है, जो कहीं ना कहीं अच्छे रिश्ते के लिए असरकारक होती है |

  • मूलांक 4 –

राहु का अंक 4 भले ही आपको बहुत अधिक रोमांटिक ना बनाता हो परन्तु विनम्रता और वफादारी जैसे गुणों का विकास अवश्य करता है | मोह-माया में पड़ना और हर समय की फ्लर्टिंग इनकी आदत नहीं | चाहे इनमें कितने ही अच्छे गुण हों पर अकसर इनका क्रोध इनकी अच्छाइयों को नज़रंदाज़ करवा देता है और रिश्ता टूटने की नौबत तक पहुँच जाता है | 2, 6, और 8 अंक वाले लोग ही इन्हें अच्छे तरीके से संभाल सकते हैं |

  • मूलांक 5 –

अंक 5 का स्वामी है बुद्ध ग्रह, जो व्यक्ति को विचारात्मक और रचनात्मक बनता है | प्यार से शादी तक पहुँचने से पहले ये जातक अपने साथी को योग्यता और क्षमता के बल पर अच्छी तरह भांप लेना चाहते हैं, इसी कारण हो सकता है विवाह से पूर्व ये कुछ अफेयर्स भी चला लें | परिवर्तन इन्हें पसंद है, अतः प्रेम-संबंधों में भी ये नयापन लाने के लिए अलग-अलग तरीके ढूँढ़ते रहते हैं | इनका मानना है कि कुछ समय के लिए भले ही बुरे लगें पर एक सही मंज़िल तक आपको दिमाग के फैसले ही ले जाते हैं| शारीरिक समंध भी इनके लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं |

  • मूलांक 6 –

अंक 6 शुक्र ग्रह का प्रतीक है जिस कारण ये लोग ग्लैमर से आकर्षित होते हैं, ये जितने फैशनेबल होते हैं उतने ही अधिक रोमांटिक भी होते हैं | यदि प्यार की बात की जाए तो ये लोग सबसे श्रेष्ठ होते हैं, जिन्हें देख सारी दुनिया सर झुकाती है | अत्याधिक आकर्षण इनका विशेष गुण होता है और अपने साथी को खुश रखने में ये माहिर होते हैं|

रोमांस का स्तर ऊंचा होने के कारण 6 अंक वाले सारे नहीं पर कुछ मनुष्य एक से अधिक सम्बन्ध भी स्थापित कर लेते हैं परन्तु साथी का भावनात्मक सहयोग ना मिल पाने के कारण ही ऐसा होता है क्योंकि ये भी दिली रिश्तों को अधिक महत्त्व देते हैं|

  • मूलांक 7 –

अपने पार्टनर के प्रति हमेशा ईमानदार रहने वाले ये जातक अपने पार्टनर की कद्र करना बखूबी जानते हैं और बेहद भावुक होते हैं | 7 अंक का ग्रह केतु है और ये थोड़े शर्मीले होते हैं, अतः इज़हार-ए-मोहब्बत करना अच्छे से नहीं जानते | इन जातकों के जीवन में बहुत अधिक संघर्ष नहीं होता परन्तु छोटी-छोटी बातों को भी सोचते रहना इनका जीवन मुश्किल बना देता है | अपने साथी से सम्बंधित हर बात इनके दिमाग में घर कर लेती है, जिससे ये नज़रंदाज़ कर देने वाली बातों को भी बड़े झगडे का रूप दे बैठते हैं | अपना रिश्ता मज़बूत बनाने के लिए हमारा इन्हें सुझाव है कि आपके दिल में जो भी बात आए उसे साथी से प्रेमपूर्वक साझा अवश्य करें |

  • मूलांक 8 –

शनि का अंक 8 आपको वफादार और संवेदनशील बनाता है जो आपको आपके साथी के साथ भावनात्मक तरीके से जोड़ता है | व्यक्तित्व का भावपूर्ण स्वरुप आप कहीं छिपा कर रखते हैं, इसीलिए लोग अकसर आपको समझ ही नहीं पाते | नए दोस्त बनाना आपके लिए मुश्किल होता है क्योंकि कुछ भी नया स्वीकार करना आपके लिए आसान नहीं होता | किसी भी रिश्ते को सच्चे मन और पूरे दिल से स्वीकार करने में भले ही थोड़ा समय लें पर एक बार अपना ले तो बहुत गहरा लगाव विकसित कर लेते हैं| हालांकि, यदि दुख मिले तो रिश्ते को भुला भी जल्दी देते हैं | शादी के बंधन को आप अच्छे से निभा सकते हैं पर 4 और 8 अंक वालों से आपकी अच्छी नहीं निभती |

  • मूलांक 9 –

अब बारी है मंगल ग्रह के अंक 9 की | माना जाता है कि 9 नम्बर वालों को क्रोध बहुत आता है परन्तु इसके साथ ही इनका भावनात्मक स्तर बहुत ऊंचा होता है | इनके लिए परिवार भी बहुत अहमियत रखता है जिसमें संतान तो खास तौर पर इन्हें प्यारी होती है| ऐसा भी माना जाता है कि अंकशास्त्र के सभी अंकों में से इस अंक के लिए शारीरिक रिश्ते सबसे ज्यादा ज़रूरी होते हैं |



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