ईश्वर को मनुष्य से जोड़ती हैं ये बातें

हिन्दू धर्म की महत्ता –

ईश्वर की पूजा, आराधना हम सब करते हैं और अगर बात करें हमारे हिन्दू धर्म की, तो यह केवल वैदिक नियमों का संकलन नहीं है बल्कि ये कुछ ऐसे सूत्रों का समुचित ज्ञानकोष है जो जीव को परमात्मा से जोड़ता है | हमारी संस्कृति में यह मान्यता है कि जिस घर-परिवार में शास्त्रों के नियमानुसार भगवान की पूजा-अर्चना की जाती है, वहां दिव्य शक्तियों का वास हमेशा रहता है | सच्ची श्रद्धा आवश्यक होती है परन्तु हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि विधि-विधान का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है | ऐसा करने से सकारात्मकता और खुशहाली चारों दिशाओं से आएगी और घर में सुख-समृद्धि का विकास होगा | यह बात सत्य है कि हिन्दू धर्म की महत्ता अवर्णनीय है |

क्या है हिन्दू धर्म –

हर धर्म में जीवन जीने का सही तरीका बताया जाता है लेकिन आज हम आपको हिन्दू धर्म के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें बताएँगे | शांति और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है हमारा हिन्दू धर्म | पूजा-अर्चना से संबंधित हर छोटी-बड़ी बात को जानना और मानना एवं श्रद्धा से उनका पालन करना ही हमारा धर्म सिखाता है, इससे जीवन की दुःख-तकलीफ भी कम होती है | वास्तव में आध्यात्मिक लोगों का आदर्श है यह हिन्दू धर्म |

मंदिर क्यों है ज़रूरी –

आप जानते ही होंगे कि मूर्ति पूजा हिन्दू धर्म की एक अहम प्रथा है जो हर हिन्दू सच्चे मन से निभाता है | हम लोग अपने-अपने घरों में भी मूर्ती पूजा ही करते हैं | हमारे धर्म में प्रत्येक व्यक्ति घर में मंदिर का निर्माण अवश्य करवाता है और उसमें अपने आराध्य की मूर्ती की विधिपूर्वक स्थापना करवाता है | इसीलिए उपासना की पूर्ती के लिए मंदिर ज़रुरी होता है क्योंकि बिन मंदिर मूर्ती पूजा अधूरी रह जाती है |

ऐसी मान्यताएं भी हैं जो बताती हैं कि हमारी आदतें, आचरण और विचार किस प्रकार ईश्वरीय शक्ति को अपनी ओर आकर्षित करते हैं | हमारे कर्म ही हैं जो परम शक्ति को आकृष्ट करते हैं या लुभाते हैं | हमारी जीवनशैली कैसी है और हमारे कर्म कैसे हैं, ये काफी हद तक तय करते हैं कि परमात्मा और हमारे बीच की दूरी कम हो | इनमें से कुछ ध्यान देने योग्य बातें हैं –

health

तुलसी करे घर को पावन –

पवित्र तुलसी (Holy Basil) का पौधा अलौकिकता का प्रतीक होता है जो हर घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है | कहते हैं जिस घर में तुलसी नहीं उस घर में समृद्धि भी नहीं आती और वहां दरिद्रता का वास हो जाता है | हिन्दू धर्म की मान्यता यह भी है कि शक्ति स्वरूपा तुलसी के बिना हिन्दू परिवार का घर पूर्ण नहीं माना जाता | इसके साथ ही प्रतिदिन सुबह उठकर तुलसी पर जल चढ़ाना भी अत्यंत शुभ माना जाता है, ऐसे भक्तों पर नारायण की कृपा बनी रहती है | स्वास्थ्य की दृष्टि से भी तुलसी में हजारों गुण विद्यमान होते हैं | तुलसी के पौधे की एक और विशेष बात यह है कि जब वायु इसकी पत्तियों को स्पर्श करती है तो वह भी अमृत के सामान होकर घर में प्रवेश करती है | इससे परिवार के सभी सदस्यों का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है | साथ ही घर में वैभव लाता है पवित्र तुलसी (Holy Basil) का पौधा  |

एकाक्षी नारियल –

एकाक्षी नारियल वह होता है जिसके बारे में ऐसा माना जाता है कि इसकी बस एक आँख होती है | यह नारियल पूजा के लिए बहुत शुभ माना जाता है | ऐसा भी कहा जाता है कि जिस घर में एकाक्षी नारियल को सच्चे मन से पूजा जाता है वहां भगवान सदा अपनी कृपा बनाए रखते हैं|

गाय का पवित्र गोबर एवं गौमूत्र –

हमारी संस्कृति में गाय को माता माना जाता है | गौ माता और उनसे जुड़ी हर चीज़ को पवित्र माना जाता है और पूजनीय दृष्टि से देखा जाता है | गोबर को गौ का वरदाब या गौवर जैसे नामों से भी जाना जाता है | पहले भारत में लोग अपने घरों को इस गोबर से लीपते थे जो माना जाता था कि पवित्रता की निशानी है | आज यह प्रचलन काफी कम हो गया है और केवल कुछ गाँव तक ही सिमट कर रह गया है | ध्यान रखें कि अगर गोबर से घर लीपा जाता है तो धन की देवी भी इससे प्रसन्न होती हैं व धन-दौलत की वर्षा करती हैं | अगर गाय के मूत्र की बात की जाए जिसे आम भाषा में गौमूत्र कहते हैं, तो यह भी बहुत असरकारक होता है | जहाँ एक तरफ यह दिव्य शक्तियों को हमारे करीब लाता है वहीँ दूसरी तरफ यह बहुत से रोगों को भी दूर करता है | ईश्वर की कृपा पाने के लिए गौमूत्र का घर में छिड़काव करने की भी सलाह दी जाती है |

कैसे हो मंदिर की स्थापना –

मंदिर का निर्माण जब भी करवाया जाता है, तो बहुत-सी बातों का ध्यान रखा जाता है | जिन तथ्यों का हम वर्णन करने जा रहे हैं, वे चाहे वास्तु की बात हो या परम्पराओं की दोनों ही दृष्टि से ये ज़रूरी होते हैं | जैसे पहली चीज़ तो यह कि पूजा करते समय मुख पश्चिम दिशा में रखेंगे तो शुभ रहेगा | मंदिर का दरवाज़ा पूर्व दिशा में रखें और ध्यान रहे की प्रवेश के लिए जो मुख्य द्वार है, उसके बिलकुल सामने भगवान की मूर्ती नहीं होनी चाहिए | घर में जो पूजा स्थल हो वो ऐसी जगह होनी चाहिए जहाँ सूर्य की रौशनी ज़रूर पहुंचनी चाहिए | इसके साथ ही कुछ ऐसे नियम भी हैं जिनका पालन करने से नकारात्मकता घर से दूर भागती है | जैसे शाम को रोज़ दीपक अवश्य जलाना चाहिए और उसके साथ घंटी बजाते हुए जब आरती करें तो घर के हर कोने में उसकी आवाज़ को पहुंचाएं | पूजाघर का झाड़ू-पोंछा और सफाई का कपड़ा सब अलग होना चाहिए | दिन समाप्त होते ही अर्थात रात के समय मंदिर को परदे से ढँक दें अथवा दरवाजा मौजूद हो तो बंद कर दें |

मंदिर क्यों जाना चाहिए –

हमारे ईश की आराधना और आत्मिक शांति के लिए मंदिर ज़रूर जाना चाहिए | वहां का माहौल इतना सकारात्मक होता है और अद्भुत ऊर्जा प्रदान करने वाला होता है कि आपमें ताजगी का संचार कर देता है | दैवीय शक्ति से जुड़ाव महसूस करने के लिए मंदिर से अपना संबंध बनाए रखना ज़रूरी है |

पूजा-पाठ और मंदिर के साथ ज़रूरी है कि आप अपने आचार-विचार सही बनाए रखेंगे तो ईश्वर आप पर कृपा भी बरसाएंगे और आपसे सदा आकर्षित रहेंगे |

No Comments Yet

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>