सिन्दूर के सही उपयोग से पति को अकाल मृत्यु से बचाएं


सुहाग की निशानी माना जाने वाला “सिन्दूर” हिन्दू परिवार की महिलाओं के लिए किसी भी अन्य वस्तु से बढ़कर है I इसीलिए यदि आप किसी हिन्दू परिवार की विवाहित स्त्री हैं, तो सिन्दूर का महत्त्व हमें आपको समझाने की ज़रुरत नहीं है I

एक हिन्दू स्त्री को सिन्दूर और मंगलसूत्र किसी भी अन्य मूल्यवान वस्तु से अधिक प्रिय है I उन्हें महंगे से महंगे आभूषण भी इनके सामने फीके लगने लगते है I इसे वह अपने पति की ख़ुशी से जोड़ती है I ये मान्यताएं और उनका विश्वास ही है, जो इन चीज़ों के महत्त्व को इतना अधिक बढ़ाते हैं I सिन्दूर महिलाओं के लिए रिवाज़ और मान्यताओं के नाम पर भी ज़रूरी हो जाता है, इसी कारण विवाहित होकर भी सिन्दूर ना लगाना अशुभ माना जाता है I

सिन्दूर का प्रयोग हर हिन्दू महिला करती है परन्तु क्या कभी आपने सोचा है कि इसका प्रयोग विवाहित महिलाओं के लिए इतना आवश्यक क्यों है? क्या आपने कभी सिन्दूर और उसके महत्त्व के बारे में गहराई से जानने का प्रयास किया है? इन सब सवालों के जवाब ही सिन्दूर को इतना मूल्यवान और महत्वपूर्ण बनाते हैं I

आज हम आपको सिन्दूर से जुड़े कुछ ऐसे रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं, जो कहते हैं कि सिन्दूर क्यों और कैसे लगाएं I ये ध्यान देने योग्य तथ्य हैं जो ज्योतिषीय एवं सामाजिक, दोनों ही मान्यताओं पर आधारित हैं I किंतु वास्तव में इसके पीछे का पौराणिक महत्त्व क्या है, यह भी हम आपको अंत में समझाएंगे I

  • इस तरह से लगाएं सिन्दूर

ऐसा माना जाता है कि यदि कोई महिला अपनी मांग के बीचो-बीच सिन्दूर लगाती है, तो उसके पति की अकाल मृत्यु कभी नहीं होती I ऐसी भी मान्यता है कि यह सिन्दूर उसके पति को हर संकट से बचाता है I

  • छिपाकर ना लगाएं सिन्दूर

एक अन्य मान्यता के अनुसार जो स्त्री अपनी मांग के सिन्दूर को बालों में छिपा लेती है, समाज में उसका पति भी छिप जाता है अर्थात् उसके पति को सम्मान दरकिनार कर देता है I इसीलिए कहा जाता है कि सिन्दूर लम्बा और ऐसे लगाएं जो सभी को दिखे ताकि पति को यश और सम्मान की प्राप्ति हो I

  • यहाँ तो बिल्कुल भी ना लगाएं

जो स्त्री बीच मांग में सिन्दूर लगाने की बजाये किनारे की तरफ सिन्दूर लगाती है, उससे उसका पति भी किनारा कर लेता है I मान्यता यह भी है कि ऐसे पति-पत्नी के आपसी रिश्तों में हमेशा मतभेद ही बना रहता है I

  • लंबी आयु के लिए

यह सबसे प्रचलित मान्यता है जिसके अनुसार यदि स्त्री की बीच मांग में सिन्दूर भरा है और काफी लंबा लगा है, तो उसके पति की आयु भी उतनी ही लंबी होती है I

  • पौराणिक तथ्य

सिन्दूर लगाने के पीछे पौराणिक कथा भी हैI सुग्रीव और बालि के युद्ध के दौरान जब सुग्रीव किसी तरह अपनी जान बचाते हुए श्री राम के पास पहुंचे, तब उन्होंने प्रभु से यह सवाल किया कि आपने बालि को क्यों नहीं मारा? इस पर भगवन राम ने उत्तर दिया कि तुम्हारी और बालि की शक्ल एक-सी होने के कारण मैं भ्रमित हो गया और वार ना कर सका I परन्तु यह पूरी सच्चाई नहीं है, वस्तिकता कुछ और ही थी I

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असल में बात यह थी कि जब श्री राम बालि को मारने वाले थे उसी क्षण अचानक उनकी नज़र बालि की पत्नी तारा की सिन्दूर से भरी मांग पर पड़ी I इसलिए सिन्दूर का सम्मान करते हुए उन्होंने बालि को तब नहीं मारा I परन्तु अगली बार जैसे ही उन्होंने मौका पाया कि बालि की पत्नी स्नान कर रही है, वैसे ही उन्होंने सुग्रीव को राजपद और न्याय दिलाने हेतु बाली को मार गिराया I

इसी पौराणिक कहानी के आधार पर यह मान्यता बनी हुई है कि जो भी पत्नी अपनी मांग में सिन्दूर भरेगी, उसके पति की आयु लंबी अवश्य होगी I

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