लक्ष्मी, सरस्वती और गोविन्द के दर्शन मिलेंगे हथेली में

लक्ष्मी जी से वैभव, सरस्वती माता से शिक्षा एवं विष्णु भगवान का पराक्रम हम सबको चाहिए परन्तु क्या आप जानते हैं कि इसके लिए क्या करना होगा | शास्त्रों में कहा गया है, “कराग्रे वसति लक्ष्मी:, कर मध्ये सरस्वती | करमूले तू गोविन्दः, प्रभाते कर दर्शनम |” तात्पर्य यह है कि हाथ में लक्ष्मी (Lakshmi), सरस्वती (Saraswati) और हरि (Lord Vishnu) का निवास होता है, इसीलिए प्रातः काल सबसे पहले उठकर हथेली के दर्शन करें | ऐसा करने से इन तीनो की कृपा तो प्राप्त होती ही है, साथ ही आपके जीवन के संकट भी समाप्त हो जाते हैं |

  • रोज़ होती है मंगल की कामना –

आज का दिन चाहे जैसा भी गया लेकिन कल का सूरज एक और बेहतर दिन लाए, ये मेरी ही नहीं बल्कि हम सबकी इच्छा होती है | सुबह उठते ही किसी खुशखबरी या शुभ समाचार की उम्मीद हमारे अन्दर जागने लगती है | दिन शुरू होते ही पल-पल पर हम उसे अच्छा बनाने के लिए विभिन्न कर्म करते हैं | कुछ कोशिशें साकार होती हैं तो पानी की तरह बह जाती हैं | तमाम कोशिशों के बाद भी यदि आप मानसिक शांति और अच्छे दिन की कल्पना से दूर हैं तो जान लीजिये आज का ये लेख आपको गुरु मंत्र दे सकता है | आज हम आपको बताएँगे कि कैसे एक छोटे से उपाय से आपका पूरा दिन उत्तम हो जाएगा |

दरअसल, आपका दिन अच्छा रहे यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर होता है कि प्रातः काल आप किसके दर्शन करते हैं | अपनी-अपनी समझ के अनुसार कोई ईश्वर के तो कोई परिवार के सदस्य के मुख के दर्शन के साथ दिन की शुरुआत करना चाहता है | परन्तु यदि शास्त्रों की बात की जाए तो उनके अनुसार पलंग पर उतरने से पहले अपने हाथ के दर्शन करने चाहिए | शायद यह पढ़ कर आप के मन में प्रश्न आ रहा होगा कि हाथ के दर्शन और अच्छे दिन का क्या संबंध है ?

जैसा कि हम ऊपर बता चुके हैं कि Bhagwan Vishnu, Mata Saraswati, और Lakshmi Ji हमारे हाथ की हथेली में वास करते हैं, इसीलिए प्रातः उठते ही हाथ को देख लेने मात्र से दिन शुभ हो जाएगा |

  • विष्णु पुराण में भी है यह तथ्य –

विष्णु पुराण (Vishnu Puran) जैसे बहुत से और ग्रंथों में भी यह वर्णन मिलता है कि मनुष्य की हथेली में दैवीय शक्तियों का निवास होता ही है | यही कारण है कि हथेली के दर्शन से हम अलौकिक शांति और सुख का अनुभव कर पाते हैं | माना जाता है कि आगे के भाग में लक्ष्मी जी, बीच के हिस्से में सरस्वती जी और नीचे के हिस्से में भगवान हरि निवास करते हैं |

इसके पीछे कारण यह है कि हमारे कर्म और आचरण शुद्ध हो, हम अपने मार्ग से ना भटकें एवं ईश्वर की कृपा हम पर बनी रहे | उम्मीद है यह बात जानने के बाद आप भी इन तीनो के दर्शन का पुण्य छोड़ना नहीं चाहेंगे | इतना ही नहीं बल्कि ऐसा करने से लक्ष्मी माता संसार का वैभव, सरस्वती जी ज्ञान का भण्डार और भगवान विष्णु पराक्रम और साहस प्रदान करते हैं |

Kundli

  • ऐसे देखें हथेली –

सुबह-सुबह जब हथेली के दर्शन करें तो ध्यान रहे कि दोनों हाथ आपस में मिले हुए हों | हाथों को देखते हुए कामना करें कि हमारा दिन अच्छा जाए एवं हम संसार के लिए कुछ कल्याणकारी काम कर पाएं |

  • मंत्र (Mantra) जो चमत्कार करेंगे –
  1. लक्ष्मी माँ (Goddess Lakshmi) की कृपा – धन की देवी माता लक्ष्मी की अनुकम्पा प्राप्त करनी हो तो दर्शन के साथ सच्चे मन से ध्यान कर इस मंत्र का जाप करें : ऊं महालाक्ष्मये विदम्ये, विष्णुप्रियाय धीमहे तन्नो लक्ष्मी प्रचो दयात ||या फिर आप इस मंत्र का उच्चारण भी कर सकते हैं : या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ||
  2. माता सरस्वती की कृपा – विद्या और वाणी की देवी के रूप में प्रसिद्ध माता सरस्वती जो हथेली के मध्य में होती हैं | इसीलिए उनको ध्यान करके यह मंत्र बोलें : ऊं हि एहि ऊं सरस्वत्यै नमो नमः ||
  3. भगवान हरि (Lord Vishnu) की कृपा – संसार के पालनकर्ता नारायण स्वामी का स्मरण करते हुए, यह मंत्र जपें : ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः ||
  • सबसे पहले धरती को स्पर्श करें –

सुबह उठकर पलंग से उतरते हुए सबसे पहले पैर ज़मीन पर नहीं रखने चाहिए | हमारी संस्कृति में धरती को माता का दर्ज़ा दिया गया है | अतः उठते ही पहले हाथों से धरती का स्पर्श कर माथे को हथेली से छूएं | हाथ जोड़कर धन्यवाद करें कि आपका बोझ माँ बिना कुछ कहे सहती हैं | ऐसा करने से विनम्रता आएगी और दिन सकारात्मक ऊर्जा से भर जाएगा |

  • मानसिक शांति मिलेगी –

सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश करते ही तन और मन दोनों तरोताज़ा हो जाएँगे | ऐसे में आप हर चीज़ को बेहतर ढंग से समझ भी पाएँगे और कर भी पाएँगे | जब परिणाम बेहतर मिलेंगे तो मानसिक शांति का अनुभव होना तो लाज़िमी है |

इन बातों का ध्यान यदि आप भी रखेंगे तो निश्चय ही अच्छे परिणाम सामने आएँगे और आपका हर दिन बेहतर बन जाएगा |

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