ऐसे करे सूर्य देव को जल अर्पित और बनाये अपनी Kismat


मीडिल क्लास परिवारों में एक प्रथा होती है कि तड़के जल्दी उठना और सूर्य देवता ही पूजा करना । जो कि हर बच्चें के लिए काफी परेशानीजनक होता है । लेकिन फायदे की फेहरिस्त कम नहीं है । शास्त्रों के मुताबिक , रविवार का दिन छुट्टी के अलावा सूर्यदेव की पूजा के लिए भी होता है क्योंकि रविवार सुनते ही छुट्टी का ख्याल दिमाग में आता है। ज्योतिष विज्ञान के मुताबिक , सभी ग्रहों का सूर्य अधिपति होता है । अगर, कुंडली में सूर्य की स्थिति सही जगह होती है तो अन्य देवताओं की अराधना करने की जरुरत महसूस नहीं होगी । जिसके फायदें कई है जैसे आपकों समाज में सम्मान , शोहरत और उच्चा ओहदा पाने में आसानी मिलती है । सूर्यदेव को खुश रखने के लिए ज्यादा मशक्कत करनी नहीं पड़ती है बस सवेरे जल अर्पित और पूजन करके आंनदित किया जा सकता है । जैसा कि आप जानते है अगर कोई काम ढंग से नहीं किया जाए तो उसका परिणाम भी वैसा ही प्राप्त होता है जैसा हम कर्म करते है ।

चलिए अब सूर्य को अर्घ्य चढ़ाने की प्रकिया समझते है ।

1. शास्त्रों के मुताबिक ,ब्रह्म मुहूर्त में जल्दी उठना ।
2. तत्काल बाद उठकर स्नानादि करके , एक प्लेट लें ।
3. एक चुटकी भर रोली या लाल चंदन भी चलेगा ,साथ ही लाल पुष्प जरुर रखे ।
4. एक तांबे के लोटे में जल लें ।
5. लाल रंग का वस्त्र धारण करें ।

ये सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सूर्य देव को जल चढ़ाना होता है जल सात बार चढ़ाया जाएगा । जल चढ़ाते वक्त सूर्य के मंत्र का जाप जरुर करें ।

पंडितों का मानना है कि ब्रह्म मुहूर्त में अर्घ्य करने से अच्छा नतीजा निकलता है । इस प्रक्रिया के दौरान लाल कपड़े जरुर पहने । बता दें कि , सूर्य की तरफ जल अर्पित करते समय ध्यान रखे कि जल सिर के ऊपर से अर्पित हो । इसका फायदा यह है कि सूर्य की किरणें आपके शरीर पर पड़ेंगी , जो कि आपके ग्रहों को शक्तिशाली बनाएंगे । फिर सूर्य देव की पूजा करें । पूजा करते वक्त अपने हाथों को जोड़कर उपासना करें ।

जल अर्पित करें लेकिन इन बातों को ध्यान में रखकर –
1. बिना नहाए –धोए अर्घ्य ना चढ़ाए ।
2. कई अंधविश्वासों के चलते कुछ लोग सूर्य को नमन नहीं करते, क्योंकि अर्घ्य चढ़ाते वक्त पानी के छीटें पैरों में पड़ते है जिससे उन्हें पाप लगता है जबकि यह एक अंधविश्वासी कहानी है । ज्ञानी ज्योतिष आचार्यों के मुताबिक , सूर्य की किरणों का असर नाभि से सिर तक होता है ।
3. कई जगह देखा गया है कि लोग पानी में गुड़ और चावाल का मिश्रण करते है जो कि गलत है । इसका कोई फायदा नहीं होता है । जल में लाल चंदन डाले या फिर रोली ,साथ में लाल पुष्प को प्रयोग कर सकते है ।
4. प्लास्टिक ,चांदी ,शीशे और स्टील बर्तनों का इस्तेमाल निषेध है ।

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